कुछ मिनटों का नियमित अभ्यास बन सकता है तनाव प्रबंधन की उपयोगी आदत
जयपुर,06 september 2026 । आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, व्यक्तिगत चिंताएं और लगातार बढ़ती मानसिक व्यस्तता लोगों के तनाव का कारण बन सकती हैं। ऐसे समय में अपनी दिनचर्या में कुछ सरल relaxation techniques को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। इन्हीं सरल तकनीकों में ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ (Box Breathing) एक ऐसी श्वास तकनीक है, जिसे बिना किसी विशेष उपकरण के किया जा सकता है।
Alakh Foundation & Welfare Society द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति के क्षेत्र में जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों के अंतर्गत लोगों को स्वस्थ coping strategies और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाता है। बॉक्स ब्रीदिंग जैसी सरल breathing technique तनावपूर्ण परिस्थितियों में स्वयं को शांत करने के प्रयास का एक हिस्सा बन सकती है।
क्या है बॉक्स ब्रीदिंग?
बॉक्स ब्रीदिंग को Square Breathing या 4×4 Breathing भी कहा जाता है। इसमें सांस लेने की प्रक्रिया को चार समान चरणों में बांटा जाता है।
4 सेकंड सांस लें → 4 सेकंड सांस रोकें → 4 सेकंड सांस छोड़ें → 4 सेकंड रुकें।
इन चार चरणों को लगातार दोहराया जाता है। चार बराबर चरणों के कारण इसे ‘Box Breathing’ कहा जाता है।
कैसे करें बॉक्स ब्रीदिंग?
इसे करने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। व्यक्ति आरामदायक और सुरक्षित स्थान पर बैठ सकता है।
1. सांस लें:
नाक से धीरे-धीरे सांस लेते हुए मन में 4 तक गिनें।
2. सांस रोकें:
सांस को लगभग 4 सेकंड तक आराम से रोकें।
3. सांस छोड़ें:
लगभग 4 सेकंड में धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
4. फिर रुकें:
सांस छोड़ने के बाद लगभग 4 सेकंड रुकें।
इसके बाद फिर से यही प्रक्रिया दोहराएं।
आसान सूत्र
IN → HOLD → OUT → HOLD
4 → 4 → 4 → 4
यदि शुरुआत में 4 सेकंड का समय कठिन लगे, तो व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार कम समय से शुरुआत कर सकता है। सांस को किसी भी स्थिति में जबरदस्ती रोकने की आवश्यकता नहीं है।
तनाव के समय कैसे मदद कर सकती है?
तनाव के समय सांस लेने की गति बदल सकती है और व्यक्ति बेचैनी महसूस कर सकता है। नियंत्रित एवं धीमी breathing व्यक्ति को अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने और शरीर-मन को शांत करने में सहायता कर सकती है।
बॉक्स ब्रीदिंग में सांस की गति और गिनती पर ध्यान देने के कारण व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने विचारों और तनावपूर्ण परिस्थिति से ध्यान हटाकर वर्तमान क्षण पर केंद्रित कर सकता है।
इसी वजह से इसे stress management, relaxation और mindfulness practices के साथ सहायक तकनीक के रूप में अपनाया जा सकता है।
कब किया जा सकता है?
बॉक्स ब्रीदिंग को दिन में अलग-अलग परिस्थितियों में किया जा सकता है, जैसे:
- तनाव या बेचैनी महसूस होने पर
- किसी महत्वपूर्ण बैठक या presentation से पहले
- काम के दबाव के दौरान
- ध्यान या meditation से पहले
- पढ़ाई या किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले
- दिनभर के तनाव के बाद
- सोने से पहले relaxation routine के रूप में
शुरुआत में कुछ मिनटों का अभ्यास पर्याप्त हो सकता है। धीरे-धीरे इसे अपनी दैनिक routine का हिस्सा बनाया जा सकता है।
नशा मुक्ति एवं recovery में इसकी भूमिका
नशा मुक्ति की recovery प्रक्रिया केवल substance use को रोकने तक सीमित नहीं होती। व्यक्ति को तनाव, cravings, emotional triggers और कठिन परिस्थितियों से स्वस्थ तरीके से निपटने के लिए सकारात्मक coping skills विकसित करने की भी आवश्यकता होती है।
ऐसे में breathing exercises, relaxation techniques, physical activity, पर्याप्त नींद, परिवार एवं support system तथा professional counselling जैसी स्वस्थ strategies recovery journey में सहायक हो सकती हैं।
हालांकि बॉक्स ब्रीदिंग नशे की लत का उपचार नहीं है और इसे counselling, medical care या de-addiction treatment का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
अधिकांश स्वस्थ लोग इसे सामान्य relaxation exercise के रूप में कर सकते हैं। लेकिन जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी, हृदय संबंधी समस्या, बार-बार चक्कर आने की समस्या या कोई अन्य medical condition है, उन्हें इसे करने से पहले healthcare professional से सलाह लेना उचित है।
अभ्यास के दौरान चक्कर, सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना या अधिक असहजता महसूस हो तो तुरंत सामान्य सांस लें और अभ्यास रोक दें।
एक सरल संदेश
तनाव को हमेशा पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं होता, लेकिन तनाव से निपटने के अपने तरीकों को बेहतर बनाया जा सकता है। अपनी सांस पर कुछ मिनट ध्यान देना एक छोटी लेकिन सकारात्मक आदत हो सकती है।
याद रखें:
सांस लें — रोकें — छोड़ें — रुकें
4 सेकंड — 4 सेकंड — 4 सेकंड — 4 सेकंड
स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर और नशामुक्त जीवन की दिशा में छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी महत्वपूर्ण होते हैं।
Alakh Foundation & Welfare Society
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता | नशा मुक्ति | सामाजिक कल्याण
“तनाव से भागें नहीं, स्वस्थ तरीके से उसका सामना करना सीखें।”